छत्तीसगढ़:–रायगढ़ जिले के लारा क्षेत्र में स्थित NTPC (नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन) का पावर प्लांट स्थानीय विकास की आशा लेकर आया था, लेकिन अब यही प्लांट स्थानीय ग्रामीणों के बीच गहरी नाराजगी का कारण बन गया है।
मुख्य समस्याएं:
- स्थानीय लोगों को रोजगार से वंचित करना: ग्रामीणों का सबसे बड़ा आरोप यह है कि प्लांट में बाहरी लोगों को नौकरी दी जा रही है, जबकि प्लांट के निर्माण व संचालन से प्रभावित हुए स्थानीय युवाओं को उचित रोजगार नहीं मिल रहा। यह NTPC की सामाजिक दायित्व (CSR) नीति के भी विरुद्ध है।
- शासन और प्रशासन की उदासीनता: स्थानीय लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायत और ज्ञापन देने के बावजूद जिला प्रशासन और प्लांट प्रबंधन द्वारा उनकी समस्याओं की अनदेखी की जा रही है।
- पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभाव: प्लांट के संचालन से धूल, ध्वनि प्रदूषण, जल संकट और खेतों की उपज पर असर पड़ा है, लेकिन इसके बदले में कोई उचित मुआवजा या पुनर्वास योजना प्रभावी रूप से लागू नहीं की गई।
ग्रामीणों की मांगें:
प्लांट से प्रभावित हर परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए।
पर्यावरणीय क्षति का उचित मुआवजा दिया जाए।
CSR फंड का पारदर्शी और स्थानीय लोगों के हित में उपयोग हो।
ग्राम सभाओं की राय को परियोजना नीति निर्धारण में शामिल किया जाए।
समाप्ति:
अगर जल्द ही इस ओर गंभीर ध्यान नहीं दिया गया तो स्थानीय विरोध प्रदर्शन और आंदोलन और तेज हो सकते हैं। शासन, प्रशासन और NTPC प्रबंधन को चाहिए कि वे संवाद स्थापित करें, समस्याओं को स्वीकारें और न्यायसंगत समाधान लागू करें।
