रायपुर:– छत्तीसगढ़ में पीएम सूर्य घर योजना लेकर सियासत शुरू हो गई है. दरअसल प्रदेश के कांग्रेस पार्टी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। जिसमें एक वीडियो पोस्ट कर कांग्रेस ने राज्य सरकार निशाना साधा है। और लिखा कि, सब्सिडी देने में 80 लाख उपभोक्ताओं को 127 साल लगेंगे। सोलर पैनल की लागत वसूलने इन उपभोक्ता को लगभग 18 साल लगेंगे। इसके आगे लिखा कि मुफ्त बिजली देना है तो फिर से बिजली फ्री होने तक हाफ बिजली योजना चालू रखें, और सोलर पैनल फ्री में लगाए।
कांग्रेस के पोस्ट पर साव का पलटवार:
वहीं डिप्टी सीएम अरुण साव ने पीएम सूर्य घर योजना पर कांग्रेस के पोस्ट पर पलटवार करते हुए कहा कि, कांग्रेस के पेट में जनहित के काम से दर्द होता है। हम पीएम सूर्य घर योजना पर सब्सिडी दे रहे हैं। कांग्रेसी पेट में दर्द के कारण बड़बड़ाने लगते हैं।
शुरू होगा आदि कर्मयोगी अभियान:
वहीं राज्य में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2025 तक मुख्यमंत्री साय की पहल से आदि कर्मयोगी अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य जनजातीय अंचलों में सुशासन, समर्पण और सेवा की भावना के साथ शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। ये अभियान छत्तीसगढ़ समेत देशभर के कई राज्यों में संचालित की जा रही है.
जनजातीय परिवारों को मिलेगी सुविधा:
मुख्यमंत्री साय ने कहा है कि, जनजातीय परिवारों को आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत मूलभूत सुविधाओं से लाभान्वित किया जाना है, अतः इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। इस अभियान के अंतर्गत राज्य के 128 विकासखंडों, 28 जिलों, और 6,650 आदिवासी बहुल ग्रामों को शामिल किया गया है। अभियान के संचालन हेतु ग्राम स्तर पर 1,33,000 से अधिक कैडर (एनजीओ, स्वयंसेवी, पंचायत प्रतिनिधि, युवा एवं सेवाभावी संगठन) तैयार किए जाएंगे। ये कैडर आवास, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन तथा ग्राम विकास की योजना निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
ऐसे किया जाएगा आयोजित:
इस अभियान के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम राज्य, ब्लॉक जिला और ग्राम स्तर पर चरणबद्ध रूप से आयोजित किए जाएंगे। प्रत्येक चयनित ग्राम में “आदि सेवा केंद्र” की स्थापना की जाएगी, जो शासकीय सेवाओं की प्रदायगी और जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने का केंद्र बनेगा। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी इस कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका होगी। ‘आदि सेवा केंद्र’ के माध्यम से पूरे अभियान के दौरान ‘आदि कर्मयोगी सेवा अभियान’ और ‘सेवा पर्व’ का संचालन किया जाएगा।
