मध्य प्रदेश:- विधानसभा का विशेष सत्र 27 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा. जिसमें महिला आरक्षण बिल पर चर्चा होगी. जिसकी अधिसूचना विधानसभा सचिवालय की तरफ से जारी कर दी गई है.
मध्य प्रदेश विधानसभा का 27 अप्रैल को विशेष सत्र आयोजित किया जा रहा है. एमपी विधानसभा सचिवालय की तरफ सत्र की अधिसूचना जारी कर दी गई है. इस सत्र में ‘नारी शक्ति वंदन’ अधिनियम पर चर्चा होगी. इससे पहले रविवार को सीएम मोहन यादव और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की थी. जिसमें विशेष सत्र बुलाने की जानकारी दी थी. जिसके बाद मंगलवार रात तक विधानसभा का एक दिन विशेष सत्र बुलाने का ऐलान जारी कर दिया गया है. ऐसे में अब इस सत्र में चर्चा होगी.
एमपी विधानसभा में होगी चर्चा
एमपी विधानसभा के विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर सत्तापक्ष की तरफ से संकल्प भी पारित हो सकता है. इसके अलावा महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा होगी. राज्यपाल मंगूभाई पटेल की अनुमति से एक दिन का विशेष सत्र आयोजित करवाने की अधिसूचना जारी की गई है. जहां सदन में दिनभर महिला आरक्षण बिल पर ही चर्चा होगी. एमपी विधानसभा के विशेष सत्र में महिला विधायकों के माध्यम से भी चर्चा होगी. बता दें कि लोकसभा में नारी शक्ति अधिनिमय का बिल गिर गया था. जिसके बाद केंद्र सरकार के बिल को लेकर पहली बार एमपी में विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जा रहा है.
बीजेपी ने निकाली थी रैली
इससे पहले बीजेपी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम गिरने के बाद राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के कई जिलों में आक्रोश रैली भी निकाली थी. इस रैली के माध्यम से बीजेपी ने पार्टी की महिलाओं के अधिकारों का समर्थन करते हुए कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों के खिलाफ प्रदर्शन किया था. भाजपा लगातार इस मुद्दे पर आक्रामक बनी हुई है. जबकि कांग्रेस भी लगातार इस मुद्दे पर बीजेपी पर निशाना साध रही है.
एमपी में नारी शक्ति अधिनियम को लेकर भाजपा लगातार एक्टिव है. एमपी विधानसभा के एक दिन के सत्र में बीजेपी और कांग्रेस के विधायकों में भी नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा में बहसबाजी देखने को मिल सकती है.
