छत्तीसगढ़ :– प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के नेतृत्व में प्रदेशभर के निजी विद्यालयों द्वारा चलाया जा रहा असहयोग आंदोलन अब गति पकड़ता जा रहा है। शिक्षा के अधिकार (RTE) के अंतर्गत दी जाने वाली प्रतिपूर्ति राशि में वृद्धि तथा एंट्री क्लास को पुनः नर्सरी से प्रारंभ करने की प्रमुख मांगों को लेकर 1 मार्च से यह आंदोलन जारी है।
निजी विद्यालयों ने शिक्षा मंत्री को भेजे गए पत्र में स्पष्ट रूप से मांग की है कि RTE के तहत मिलने वाली प्रतिपूर्ति राशि को बढ़ाकर शिक्षा विभाग द्वारा प्रति विद्यार्थी किए जाने वाले औसत व्यय के बराबर किया जाए, जो लगभग 22,000 रुपये प्रति छात्र है।
इसके साथ ही, वर्तमान शैक्षणिक सत्र से एंट्री क्लास को नर्सरी के स्थान पर कक्षा पहली निर्धारित किए जाने पर भी आपत्ति दर्ज कराई गई है। विद्यालय संचालकों का कहना है कि इस बदलाव के कारण प्रारंभिक आयु वर्ग के अनेक बच्चे RTE के अंतर्गत प्रवेश से वंचित हो रहे हैं। उन्होंने एंट्री क्लास को पुनः नर्सरी स्तर से प्रारंभ करने की मांग दोहराई है।
आंदोलन के तहत आरंग क्षेत्र के निजी विद्यालयों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। इस दौरान विभिन्न विद्यालयों के संचालक एवं प्राचार्य एकत्रित होकर पोस्ट ऑफिस आरंग के माध्यम से शिक्षा मंत्री को अपने-अपने संस्थानों की ओर से ज्ञापन प्रेषित किए।
आंदोलन की आगामी रणनीति के तहत निजी विद्यालयों के प्रतिनिधि जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर अपनी मांगों से उन्हें अवगत कराएंगे।
इस पहल में गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल (आरंग एवं रीवा), सृजन सोनकर विद्यामंदिर आरंग, सरस्वती ज्ञानदीप विद्यालय (आरंग एवं भानसोज), जीवन ज्योति स्कूल आरंग, राधाकृष्ण विद्यामंदिर आरंग, मदर्स प्राइड इंग्लिश मीडियम स्कूल आरंग, सेंट एंथोनी स्कूल पारागांव, सनराइज स्कूल (संकरी एवं आरंग), गुरुकुल स्कूल आरंग, कल्पवृक्ष पब्लिक स्कूल आरंग, गणेशराम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गुल्लू, नवसृजन पब्लिक स्कूल (भानसोज एवं समोदा) तथा सीएमआई क्राइस्ट इंग्लिश मीडियम स्कूल पंधी सहित अनेक विद्यालय शामिल रहे।
