नई दिल्ली:– केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर कथित विवादित टिप्पणी मामले में मानहानि पर कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को एमपी-एमएलए कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। स्पेशल रिविजनल कोर्ट के जज राकेश यादव ने याचिकाकर्ता BJP नेता विजय मिश्र की निगरानी याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से साफ इनकार कर दिया।
इस पर अब अगली सुनवाई 18 जुलाई को होगी। सुनवाई के दौरान विशेष जज ने कहा कि मजिस्ट्रेट कोर्ट में लंबित मामले में हस्तक्षेप करने का कोई आधार नहीं है। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता की तरफ से दायर निगरानी याचिका स्वीकार करने योग्य नहीं है।
राहुल गांधी के वकील ने दी जानकारी
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के मानहानि मामले में स्पेशल रिविजनल कोर्ट ने फैसला सुनाया है। राहुल गांधी के वकील काशी प्रसाद शुक्ला ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी से जुड़ा मामला MP/MLA स्पेशल रिविजनल कोर्ट में लिस्ट किया गया था। कोर्ट ने शिकायतकर्ता विजय मिश्रा की रिविजन याचिका को खारिज कर दिया।
18 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
राहुल गांधी के वकील ने कहा कि अब मुख्य मामले की सुनवाई 18 जुलाई को होगी, जब आगे की कार्यवाही की जाएगी। विजय मिश्रा की ओर से एक अर्जी दाखिल की गई थी जिसमें मांग की गई थी कि राहुल गांधी के हैंडराइटिंग सैंपल लिए जाएं और संबंधित दस्तावेजों में मौजूद हस्ताक्षरों से उनका मिलान किया जाए और कोर्ट में रिपोर्ट पेश की जाए। निचली अदालत ने पाया कि यह अर्जी बहुत देर से दाखिल की गई थी।
2018 का है मामला
बता दें, राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का यह मामला वर्ष 2018 में बीजेपी नेता विजय मिश्र की तरफ से दायर किया गया था। कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर आरोप है कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर विवादित टिप्पणी की थी।
