कोरबा/ बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के उन्मूलन और बच्चों कू सुरक्षित भविष्य को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय उन्मुखीकरण सह कार्यशाला का आयोजन जिला पंचायत सभा कक्ष में उपरोक्त कार्यशाला प्रतीक जैन (IAS) मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत कोरबा की उपस्थिति में किया गया। आयोजित इस कार्यशाला में जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए व्यापक रणनीति विभागीय जिम्मेदारीयों और जमीनी स्तर पर प्रभावी रण्
क्रियान्वयन पर चर्चा की गई।

कार्यशाला में सीईओ प्रतीक जैन ने स्पष्ट दिशा निर्देश देते हुए कहा कि बाल विवाह की रोकथाम केवल एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि प्रशासन, पंचायत, पुलिस, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास तथा समाज के प्रत्येक जिम्मेदार नागरिक का सामूहिक दायित्व है।

इस अवसर पर बसन मिंज, जिला कार्यक्रम अधिकारी, गजेंद्र देव सिंग, जिला महिला एवं बाल विकास, परियोजना अधिकारी सह बाल विवाह प्रतिषेध अधिकार सेक्टर पर्यवेक्षक सह बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी, ग्राम पंचायत सचिव सह बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, श्रम विभाग, आदिवासी विकास विभाग, पंचायत विभाग, समाज कल्याण विभाग, बालक कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड, जिला बाल संरक्षण इकाई, महिला एवं बाल विकास विभाग के समस्त अधिकारी कर्मचारी, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के अधिकारी कर्मचारी, स्रोत संस्था संचालक व प्रतिनिधि, हार्ड संस्था के प्रतिनिधि, धार्मिक अनुष्ठान व अन्य सेवा प्रदाता, अन्य गणमान्य तथा विभागीय अधिकारी कर्मचारी इत्यादि उपस्थित रहे।

आयोजित कार्यशाला में विशेष रूप से श्री प्रतीक जैन (IAS) मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत कोरबा द्वारा जिले को बाल विवाह मुक्त कोरबा बनाने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश व मार्गदर्शन किया गया। तत्पश्चात जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री बसंत मिंज, जिला बाल संरक्षण अधिकारी दया दास महंत, चाइल्ड राइट एसोसिएट (AVA) नीति आयोग सुश्री नीलू पटेल तथा विधिक सह परिवीक्षा अधिकारी संदीप द्वारा बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़, बाल विवाह मुक्त भारत अभियान अंतर्गत आयोजित कार्यशाला के विषयों तथा बाल विवाह मुक्त भारत पोर्टल के संबंध प्रकाश डालते हुए आवश्यक जानकारी प्रदान की गई।

