रायपुर. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रायगढ़ कलेक्टर रानू साहू, माइनिंग विभाग के प्रमुख जेपी मौर्य, चिप्स के सीईओ समीर विश्नोई के ठिकानों पर सुबह छह बजे छापे मारा। रायगढ़ कलेक्टर का घर सील कर दिया गया है। इसके अलावा रायपुर, भिलाई, बिलासपुर, कोरबा, महासमुंद और रायगढ़ स्थित पूर्व विधायक, कोल, शराब कारोबारी और सीए के 15 ठिकानों पर जांच चल रही है।
बताया जा है कि प्राथमिक जांच में मनी लॉन्ड्रिग से संबंधित दस्तावेज के साथ ही कुछ रसूखदार लोगों ने नाम भी मिले हैं। छापेमारी की यह कार्रवाई सभी ठिकानों पर सुबह 6 बजे एक साथ की गई है। इस समय दिल्ली, भोपाल और मुंबई की 50 सदस्यीय ईडी की टीम उनके सभी ठिकानों पर जांच कर रही है। छत्तीसगढ़ में ईडी द्वारा की गई कार्रवाई को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। हर कोई सकते में आ गया है कि इतने बड़े पैमाने पर आखिर छत्तीसगढ़ में ही क्यों कार्रवाई की गई है । इसे लेकर कई तरह के तर्क वितर्क दिए जा रहे हैं।
श्री अग्रवाल के अनुसार कार्रवाई बिल्कुल सही है। उन्होंने कहा कि पूर्व कोरबा कलेक्टर रानू साहू सहित अन्य लोगो पर आज हुई जांच पहले ही हो जानी थी,,बीजेपी नेता ने कहा छत्तीसगढ़ के कुछ आईएएस और कुछ आईपीएस अधिकारी कम लुटेरे ज्यादा बन गए है। कुछ पर आज कार्यवाही की गई लेकिन कुछ और है जो जनता के पैसों को खा रहे है,,जिनपर भविष्य में कार्यवाही जरूर होनी चाहिए। जिससे काला धन वापस मिल सकता है। श्री अग्रवाल ने कहा कि आज के समय में पैसा नेताओ के पास है या अधिकारियों के पास या फिर ढोंगी बाबाओं के पास। व्यापारियों को नए नए टैक्स लगाकर केवल लूटा जा रहा है। श्री अग्रवाल ने ये भी कहा की कोरबा में अधिकाश अधिकारियों का तबादला बोली लगाकर किया जाता है,,ताकि जनता के पैसों को लूटा जा सके। कोरबा में कुछ अधिकारी केवल यह मानसिकता लेकर आते है कि हमको सिर्फ पैसा कमाना है।
जनहितैषी मुद्दो व विकास कार्यों से उनका कोई सरोकार नहीं रहता। बहरहाल माइनिंग, शराब और कोयले में करोड़ों रुपए की वसूली, भारत माला परियोजन के तहत रायपुर से कुरूद होते हुए विशाखापट्नम तक बनने वाले नेशनल हाइवे की जानकारी मिलते ही किसानों की थोक के भाव में जमीन खरीदी गई थी। इसके इनपुट सिंतबर के प्रथम सप्ताह में आयकर विभाग के छापेमारी के दौरान मिले थे। वहीं मनीलॉन्ड्रिग के जरिए रकम की अफरा-तफरी करने की जानकारी मिली थी। इसे जांच करने के लिएईडी को सौंपा गया था। इस दौरान मिली जानकारी के आधार पर छापेमारी की गई है। बता दें कि इस समय भोपाल आयकर विभाग की टीम खनिज विभाग जगदलपुर में पदस्थ डिप्टी डायरेक्टर एसएस •नाग, अंबिकापुर के सहायक खनिज अधिकारी बजरंग पैकरा, सूरजपुर के सहायक खनिज अधिकारी संदीप नायक, बलरामपुर के अवधेश बारिक और रिटायर्ड अफसर एनके सूर से पूछताछ कर रही है।
इन सभी से 10 से 14 अक्टूबर के बीच पूछताछ होगी। पूर्व कलेक्टर रानू साहू भी सिर्फ डीएनएफ के चक्कर में कोरबा आई थी। इनके कार्यकाल में डीएमएफ का जमकर दुरुपयोग किया गया। इन सभी विषयों पर भी जांच होनी चाहिए। प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों से बीजेपी नेता ने आग्रह किया है कि कोरबा का पैसा कोरबा की जनता को वापस दिलाया जाए।