मध्यप्रदेश:– शाजापुर जिले की कृषि उपज मंडियों में इन दिनों सोयाबीन फिर से चर्चा का केंद्र बनी हुई है। कभी लागत से भी कम दाम मिलने के कारण किसानों की चिंता बढ़ाने वाली सोयाबीन अब “सोना” साबित होती नजर आ रही है। बीते एक महीने में सोयाबीन के दामों में करीब 2000 रुपए प्रति क्विंटल तक की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
एक माह पहले मंडियों में 5200 से 5500 रुपये प्रति क्विंटल बिकने वाली सोयाबीन अब 7300 रुपये प्रति क्विंटल के पार पहुंच चुकी है। कृषि उपज मंडी शाजापुर और शुजालपुर में सोयाबीन की ऊंची बोली ने किसानों को राहत दी है। शुक्रवार को शाजापुर मंडी में 908 क्विंटल आवक दर्ज हुई, जहां न्यूनतम भाव 3250, अधिकतम 7340 और माडल भाव 7100 रुपये प्रति क्विंटल रहा।
विशेषज्ञों के अनुसार बाजार में आवक कम और मांग अधिक होने से कीमतों को मजबूती मिल रही है। तेल मिलों द्वारा लगातार खरीदारी और उत्पादन में कमी के कारण बाजार में तेजी बनी हुई है। खरीफ सीजन नजदीक आने से व्यापारियों को उम्मीद है कि आने वाले समय में दाम और बढ़ सकते हैं।
पिछले दो वर्षों से लागत तक नहीं मिल पा रही थी
किसान दुर्गेश पाटीदार ने बताया कि एक महीने पहले जब उन्होंने भाव पूछे थे, तब सोयाबीन 5200 रुपए प्रति क्विंटल बिक रही थी, लेकिन अब उनकी उपज 7300 रुपये प्रति क्विंटल बिकी है। वहीं किसान शैलेन्द्र सिंह का कहना है कि पिछले दो वर्षों से किसानों को लागत तक नहीं मिल पा रही थी। लगातार वर्षा से फसल खराब होने और गिरते दामों ने आर्थिक दबाव बढ़ा दिया था, लेकिन अब तेजी से किसानों में उम्मीद जगी है।
व्यापारी निर्मल जैन के मुताबिक सीमित आवक और बढ़ती मांग के कारण बाजार में यह तेजी आई है। उन्होंने बताया कि करीब पांच साल पहले सोयाबीन ने 10 हजार रुपए प्रति क्विंटल का रिकार्ड बनाया था।
अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों, निर्यात मांग के चलते एक बार फिर बाजार में तेजी लौटती दिख रही है। सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए सोयाबीन का समर्थन मूल्य 5708 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, लेकिन फिलहाल मंडियों में किसानों को इससे कहीं अधिक दाम मिल रहे हैं।
खाद्य तेल महंगा होने के संकेत
व्यापारियों और मंडी विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार सोयाबीन उत्पादन अपेक्षाकृत कम रहा है। कई क्षेत्रों में मौसम खराब रहने से पैदावार प्रभावित हुई, जिसके कारण बाजार में माल की उपलब्धता घट गई। दूसरी ओर तेल मिलों और निर्यात कंपनियों की मांग लगातार बढ़ रही है। शाजापुर मंडी में इस समय केवल 800 से 900 क्विंटल आवक हो रही है, जबकि मांग अधिक बनी हुई है।
सोयाबीन सहित अन्य तेलों के रेट बढ़ेंगे
व्यापारियों का कहना है कि सीमित आवक के कारण खरीदार ऊंचे दाम देने को मजबूर हैं। सोयाबीन के बढ़ते दामों का सीधा असर खाद्य तेल बाजार पर भी पड़ सकता है। मंडियों में कच्चे माल की कीमत बढ़ने से तेल मिलों की लागत बढ़ेगी, जिसका प्रभाव आम उपभोक्ताओं तक पहुंच सकता है।
व्यापारी बताते हैं कि यदि सोयाबीन के भाव इसी तरह बढ़ते रहे तो आने वाले समय में सोयाबीन तेल सहित अन्य खाद्य तेलों के दाम भी बढ़ सकते हैं। जानकारों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार और घरेलू उत्पादन की स्थिति पर आगे की कीमतें निर्भर करेंगी।
