नई दिल्ली:– ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की चाल और नक्षत्रों की स्थिति से हमारे जीवन में प्रभाव पड़ते रहैं। ये प्रभाव सकारात्मक और नकारात्मक दोनों हो सकते हैं। 9 जून से 23 जून 2026 तक का समय ज्योतिषीय दृष्टि से काफी उथल-पुथल भरा हो सकता है। इस दौरान अंतरिक्ष में एक ऐसी दुर्लभ और चुनौतीपूर्ण खगोलीय स्थिति बन रही है, जिसे कालसर्प योग कहा जाता है।
यह योग तब बनता है, जब कुंडली के सातों ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाते हैं। ऐसी ही खगोलीय स्थिति 9 जून से 23 जून के बीच बन रही है, जब ग्रहों की चाल एक विशेष संयोग का निर्माण करेगी। इस दौरान कुछ राशियों पर इसका प्रभाव अधिक देखने को मिल सकता है, जिससे उन्हें सावधानी और समझदारी के साथ कदम उठाने की जरूरत होगी।
कौन सी है ये राशियां
वृषभ राशि
कालसर्प योग के प्रभाव की वजह से वृषभ राशि वालों के जीवन में परेशानियां जगह बना सकती हैं। इस राशि के लोगों को पैसों से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा और कालसर्प योग के दौरान करियर भी चुनौतिपूर्ण रह सकता है। इसके अलावा परिवार में तनाव का माहौल रहेगा और धन खर्च को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। इस दौरान सफेद वस्तुओं जैसे दूध, दही आदि का दान करना आपके लिए लाभकारी माना जाएगा।
सिंह राशि
कालसर्प योग के प्रभाव से सिंह राशि के साधकों के जीवनसाथी या बिजनेस पार्टनर के साथ गंभीर वैचारिक मतभेद सामने आ सकते हैं। इस दौरान आपकी निर्णय क्षमता पर प्रभाव पड़ सकता है। बने-बनाए काम बिगड़ सकते हैं। कोई भी नया व्यापारिक समझौता या पार्टनरशिप इस समय न करें। छोटी-छोटी बातों पर बहस करने से बचना ही समझदारी होगी। इस समय भगवान शिव के मंत्रों का जप करना मानसिक शांति देगा।
वृश्चिक राशि
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कालसर्प योग के प्रभाव से वृश्चिक राशि के जातकों को बिजनेस से संबंधित विवादों का सामना करना पड़ सकता है। जिसकी वजह से परेशानियां आ सकती है और पार्टनरशिप पर भी असर पड़ेगा। इसके अलावा करियर व पर्सनल लाइफ पर भी कालसर्प योग का अशुभ प्रभाव पड़ेगा। इस राशि के जातकों के लिए यह अवधि करियर और प्रेम जीवन दोनों में हलचल ला सकती है। अचानक स्थान परिवर्तन या ट्रांसफर जैसी स्थितियां सामने आ सकती हैं। इस दौरान नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करना सकारात्मक परिणाम दे सकता है।
कुंभ राशि
कुंभ राशि के लोगों को भी कालसर्प योग की वजह से कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इनके रिश्तों में दूरियां आ सकती हैं, जिसकी वजह से बैचेनी महसूस होगी। मानसिक बैचेनी की वजह से मूड खराब हो सकता है। कार्यक्षेत्र में बॉस के साथ मतभेद हो सकता है, अचानक खर्च बढ़ने से बजट खराब हो सकता है। ऐसे में महामृत्युंजय मंत्र आपका साथी बन सकता है।
कालसर्प योग से बचने के उपाय
इस समय में रोज भगवान शिव की पूजा करें।
प्रतिदिन ‘ॐ नमः शिवाय’ या ‘महामृत्युंजय मंत्र’ का जाप करें।
शाम के समय राहु मंत्र ऊं रां राहवे नमः या केतु मंत्र का जाप करें।
शनिवार या बुधवार के दिन काले तिल, सात अनाज, कोयला, नीले वस्त्र या कंबल का दान करें।
नाग पंचमी के मंत्रों का जाप करें या नाग देवता की चांदी की आकृति की पूजा करें।
इस अवधि में क्रोध और नकारात्मक विचारों से दूर रहें।
