नई दिल्ली:– अपने कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों को तिलक, बिंदी, कलावा आदि पर प्रतिबंध लगाने को लेकर विवाद में आई लेंसकार्ट कंपनी के प्रबंधन पर बागेश्वर धाम के कथावाचक पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने भी निशाना साधा है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिनको तिलक, चंदन, वंदन, राम-श्याम, हनुमान से दिक्कत है, वो लाहौर खिसक लें। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में मंगलवार से शुरू हुई हनुमत कथा के दौरान उन्होंने हिंदुओं से एकजुट होने का आह्वान किया।
सनातन प्रतीकों पर उठते सवालों पर जताया रोष
कथा के बहुप्रसारित वीडियो में पंडित धीरेंद्र शास्त्री कहते नजर आए हैं कि हिंदुओं, आज उन्होंने तुम्हारे मंगलसूत्र पर उंगली उठाई, तिलक पर उंगली उठाई, कल तुम्हारी बिरादरी पर उंगली उठाएंगे, तुम्हारे सनातन पर उंगली उठाएंगे और तुम्हारे बच्चों पर उंगली उठाएंगे।उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि हम एकजुट नहीं होंगे, तो वो कल हमारी गीता-रामायण पर भी उंगलियां उठाएंगे। इसलिए हम सबको जातियों को छोड़कर सिर्फ एक हिंदू होकर एकता का परिचय देना चाहिए।
लेंसकार्ट विवाद पर बुंदेलखंडी शैली में प्रहार
बागेश्वर बाबा ने बुंदेलखंडी भाषा में कंपनी के अधिकारियों पर तंज कसते हुए कहा- “ठठरी के बरे! नक्कटा! तू अपनी कंपनी लाहौर में खोल ले, भारत में काहे को मर रहा है?” बता दें कि लेंसकार्ट कंपनी का एक पॉलिसी डॉक्यूमेंट सामने आया है, जिसमें दावा किया गया है कि कर्मचारियों को बिंदी, तिलक और कलावा पहनने पर रोक है, जबकि हिजाब और पगड़ी को अनुमति दी गई है। इस भेदभावपूर्ण नीति का देश के कई हिस्सों में कड़ा विरोध किया जा रहा है।
