नई दिल्ली:– अधिक मास में भगवान श्रीहरि विष्णु की पूजा की जाती है। यह उनका अत्यंत प्रिय महीना है। अधिक मास को पुरूषोत्तम मास भी उनके नाम पर ही कहा जाता है। मान्यता है कि इस पवित्र महीने के समापन पर किए गए कुछ विशेष उपाय व्यक्ति के जीवन से सारे कष्ट मिटाकर सुख-समृद्धि और विष्णु जी की असीम कृपा दिलाते हैं।
आज यानी 15 जून को अधिक मास का समापन हो रहा है, ऐसे में यदि आप भी भगवान विष्णु की कृपा पाना चाहते हैं, तो इन उपायों को कर सकते हैं।
पीले रंग की वस्तुओं का दान
भगवान विष्णु को पीला रंग अत्यंत प्रिय है। अधिक मास के अंतिम दिन किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद को पीले रंग का सामान दान करना चाहिए, जैसे- पीला कपड़ा, चने की दाल, केला और केसरिया मिठाई इत्यादि। इससे देवगुरू वृहस्पति की कृपा बनी रहती है। ऐसा करने से कुंडली में गुरु ग्रह मजबूत होता है और घर में कभी धन-धान्य की कमी नहीं होती।
तुलसी पूजा और दीपदान
अधिक मास के समापन पर शाम के समय तुलसी के पौधे के सामने गाय के घी का दीपक जलाएं। इसके बाद तुलसी जी की 11 या 21 बार परिक्रमा करें और साथ में ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें। इस दिन तुलसी पत्र तोड़ने से बचना चाहिए और केवल उनकी पूजा की जानी चाहिए। इससे माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर का वास्तु दोष दूर होता है।
पंचामृत से भगवान विष्णु का अभिषेक
समापन के दिन सुबह स्नान के बाद भगवान विष्णु या लड्डू गोपाल का दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से बने पंचामृत से अभिषेक करना चाहिए। अभिषेक के दौरान शंख बजाना बेहद शुभ माना जाता है। इस पंचामृत में तुलसी का पत्ता जरूर डालें, क्योंकि तुलसी के बिना विष्णु जी भोग स्वीकार नहीं करते। इस तरीके से आप भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा पा सकते हैं।
पीपल के वृक्ष की पूजा
हिंदू धर्म में पीपल के पेड़ में त्रिदेवों यानी ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास माना जाता है। अधिक मास के अंतिम दिन पीपल के वृक्ष की जड़ में जल अर्पित करें और वहां एक चौमुखी यानी चार मुख वाला दीपक प्रज्जवलित करें। इससे आपके जीवन से सारा अंधकार दूर भागता है और प्रकाश का आगमन होता है। इससे पितृदोष से भी मुक्ति मिलती है और पुराने अटके हुए काम भी पूरे होते हैं।
विष्णु सहस्रनाम का पाठ
अधिक मास के आखिरी दिन घर में पॉजिटिविटी बनाए रखने के लिए विष्णु सहस्रनाम या श्रीसूक्त का पाठ करें। पाठ के लिए पीले आसन पर बैठकर पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें। यह उपाय मानसिक शांति देता है और घर से नकारात्मक शक्तियों को हमेशा के लिए दूर रखता है।
अधिक मास के समापन पर अपनी सामर्थ्य के अनुसार भूखे लोगों को भोजन अवश्य कराएं या किसी गोशाला में हरी घास का दान करें।
