नागपुर की हर गली और चौराहे की शान है यहाँ का तर्री पोहा, जो इस शहर की असली पहचान और गौरव भी है। यहाँ आने वाला हर व्यक्ति इस अनोखे स्वाद का दीवाना हो जाता है, क्योंकि चने की प्रोटीन युक्त तर्री और पोहे का यह संगम नागपुर की धड़कन है। अंतरराष्ट्रीय पोहा दिवस के अवसर पर नागपुर ने पूरी दुनिया में अपनी सफलता का परचम लहरा दिया है। मशहूर शेफ विष्णु मनोहर ने मध्य भारत के सबसे लोकप्रिय व्यंजन, तर्री पोहा, को एक विशाल स्तर पर तैयार कर इतिहास रच दिया है।
रात के अंधेरे में शुरू हुआ स्वाद का महाकुंभ
इस रिकॉर्ड को बनाने की तैयारी रात 2:30 बजे ही शुरू हो गई थी। शेफ और उनकी टीम की कड़ी मेहनत के बाद सुबह 6:00 बजे तक 3,000 किलो तर्री पोहा बनकर तैयार हुआ। शेफ विष्णु मनोहर का कहना है कि इस प्रयास का मुख्य उद्देश्य दुनिया को यह बताना है कि नागपुर के तर्री पोहा में कितना दम है और यह हमारे शहर की शान है।
पोहा: 600 किलो
देसी चना: 400 किलो
प्याज: 500 किलो
तेल: 300 किलो
अदरक-लहसुन और मसाले: 100-100 किलो धनिया और जीरा पाउडर के साथ भारी मात्रा में अदरक-लहसुन का पेस्ट इस्तेमाल किया गया।
सेहत और स्वाद का अनोखा संगम
शेफ विष्णु मनोहर ने बताया कि तर्री पोहा सिर्फ स्वाद ही नहीं बल्कि पोषण से भी भरपूर है। जहाँ पोहे से कैल्शियम मिलता है, वहीं चने वाली तर्री प्रोटीन का एक बेहतरीन स्रोत है। उन्होंने गर्व से कहा कि जो भी व्यक्ति नागपुर आता है, वह यहाँ का तर्री पोहा जरूर चखता है, और अब यह विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना चुका है। नागपुर की इस उपलब्धि ने साबित कर दिया है कि यहाँ का खान-पान न केवल मध्य भारत की जान है, बल्कि अब यह दुनिया के लिए एक मिसाल भी बन चुका है।
