मध्यप्रदेश:– भारत सरकार की मंशा के अनुरूप मध्य प्रदेश में सहकारिता का विस्तार गांव-गांव तक किया जाएगा। छह सौ रुपये शेयर कैपिटल लेकर सहकारी समितियों में दस लाख नए सदस्य बनाए जाएंगे। इसके लिए 15 मई तक शिविर लगाए जाएंगे, राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) प्रति शिविर एक हजार रुपये देगा। अभी प्रदेश में 60 लाख किसान समितियों के सदस्य हैं। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में 600 नई समितियां बनाई जा रही हैं।
पैक्स से जुड़ेंगे सीमांत और महिला किसान
प्रदेश में साढ़े चार हजार प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियां (पैक्स) हैं, जिनसे 68 लाख किसान जुड़े हैं। लगभग दस लाख किसान और हैं, जो समिति का सदस्य बनने की पात्रता रखते हैं। उन्हें भी समितियों से जोड़ने के लिए सहकारिता विभाग आंबेडकर जयंती 14 अप्रैल से 15 मई तक अभियान चलाया जाएगा। इसमें छोटे, सीमांत, महिला एवं सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों के किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी।
किसानों को मिलेगा लाभांश और खाद-बीज की सुविधा
भूमि के आधार पर इनकी साख सीमा निर्धारित कर बिना ब्याज के अल्पकालीन ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। खाद-बीज-कीटनाशक भी मिलेगी। सहकारी संस्था को लाभ मिलने पर किसानों को लाभांश भी दिया जाता है। अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में सहकारी समितियों का विस्तार किया जा रहा है। नई समितियां बनाई गई हैं। पात्र सभी किसानों को समितियों से जोड़ने के लिए सदस्यता अभियान शुरू किया गया है।
