रायपुर:- मानसून सीजन अब अपने अंतिम दौर में पहुंच चुका है और छत्तीसगढ़ में बारिश की रफ्तार भी धीरे-धीरे कम होने के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि पूरे सीजन के आंकड़ों पर नजर डालें तो राज्य में इस बार अब तक सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। 26 सितंबर तक प्रदेश में औसत वर्षा सामान्य से 5.6 प्रतिशत अधिक रही है।
मौसम विभाग के मुताबिक, 1 जून से 26 सितंबर तक राज्य में 1150.5 मिमी पानी बरसा, जबकि सामान्य तौर पर इस अवधि में 1089.6 मिमी बारिश होती है। इस तरह अब तक बारिश का आंकड़ा सामान्य से 60.9 मिमी ज्यादा है। प्रदेश के 14 जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है।
बारिश के आंकड़ों में बलरामपुर और नारायणपुर प्रमुख रहे हैं। बलरामपुर में 1551.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई है, जो सामान्य से 71.1 प्रतिशत ज्यादा है। नारायणपुर में 1720.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। इसके अलावा गरियाबंद में 1462.1 मिमी, बालोद में 1311.8 मिमी और धमतरी में 1301.1 मिमी बारिश हुई है।
राजधानी रायपुर भी इस बार बारिश के मामले में सामान्य आंकड़े से काफी आगे है। यहां सीजन में अब तक 1303.6 मिमी बारिश हो चुकी है। यह सामान्य से 41.6 प्रतिशत अधिक है।
गरियाबंद में सामान्य वर्षा से 35.6 प्रतिशत अधिक पानी गिरा है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ में यह अंतर 35 प्रतिशत, बालोद में 25.7 प्रतिशत और महासमुंद में 24.7 प्रतिशत रहा। धमतरी में भी सामान्य से 22.2 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है। वहीं दुर्ग में 963.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य आंकड़े से 17.6 प्रतिशत अधिक है।
प्रदेश के कुछ जिलों में मानसून की बारिश अभी भी सामान्य से कम रही है। मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में सबसे ज्यादा 20.3 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। इसके बाद बीजापुर में 19.1 प्रतिशत कम बारिश हुई है। सुकमा और बेमेतरा में सामान्य से 17.3 प्रतिशत कम, जबकि कांकेर में 16.9 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के 26 सितंबर के अपडेट के अनुसार उत्तर-पूर्वी मध्यप्रदेश और उससे सटे उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर बना डिप्रेशन अब कमजोर पड़ रहा है। इसी मौसमी सिस्टम के प्रभाव से पिछले दिनों प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश देखने को मिली थी। सिस्टम के कमजोर होने के साथ अब बारिश की गतिविधियां भी कम होने की संभावना है।
यानी मानसून सीजन भले ही सामान्य से ज्यादा बारिश देकर गुजर रहा हो, लेकिन अब प्रदेश में बारिश का जोर धीरे-धीरे कम होने के संकेत मिल रहे हैं।
