नई दिल्ली:– दुनिया में इबोला वायरस को लेकर बढ़ती चिंता के बीच भारत सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। हालांकि देश में अब तक इबोला का एक भी मामला सामने नहीं आया है, लेकिन WHO द्वारा इसे पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित किए जाने के बाद केंद्र ने सतर्कता बढ़ा दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य सचिवों के साथ समीक्षा बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया।
इस दौरान एयरपोर्ट और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रवेश बिंदुओं पर निगरानी और स्क्रीनिंग को और सख्त करने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्र सरकार ने राज्यों को क्वारंटीन, जांच, इलाज, रेफरल और लैब टेस्टिंग से जुड़ी SOPs पहले ही भेज दी हैं और अस्पतालों व स्वास्थ्य संस्थानों को हाई अलर्ट पर रहने को कहा गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ कई अन्य विभाग भी संभावित खतरे को देखते हुए रोकथाम और निगरानी में जुटे हुए हैं।
सरकार ने 2014 में अफ्रीका में फैले इबोला प्रकोप के दौरान भारत की सफल तैयारियों का जिक्र करते हुए भरोसा जताया कि इस बार भी स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम मौजूद हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार इबोला एक बेहद गंभीर और जानलेवा वायरस है, जो संक्रमित व्यक्ति के खून, शरीर के तरल पदार्थ और दूषित वस्तुओं के संपर्क से फैलता है। सरकार ने फिलहाल लोगों से घबराने की बजाय सतर्क रहने और जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
