छत्तीसगढ़ :– राजधानी रायपुर में आज राजनीतिक, प्रशासनिक और विकास कार्यों से जुड़ी कई अहम गतिविधियां होने जा रही हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जहां सुशासन तिहार 2026 की प्रगति की समीक्षा करेंगे, वहीं 12वीं बोर्ड के हिंदी प्रश्नपत्र लीक मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही कचना ओवरब्रिज के लोकार्पण की तैयारी पूरी हो चुकी है और शहर में पेट्रोल-डीजल की रिकॉर्ड बिक्री भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
सुशासन तिहार के 20 दिन पूरे, समीक्षा करेंगे मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज सुशासन तिहार 2026 के तहत अब तक मिले आवेदन, शिकायतों और उनके समाधान की विस्तृत समीक्षा करेंगे। बताया जा रहा है कि सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक मंत्रालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लगातार बैठकें होंगी। सरकार का फोकस आम जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण और योजनाओं की जमीनी मॉनिटरिंग पर है। समीक्षा बैठक में विभिन्न जिलों से प्राप्त शिकायतों और विभागीय कार्रवाई की रिपोर्ट भी प्रस्तुत की जाएगी।
हिंदी प्रश्नपत्र लीक मामले में दो और आरोपी गिरफ्तार
रायपुर में 12वीं बोर्ड के हिंदी प्रश्नपत्र लीक मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कोतवाली पुलिस ने बेमेतरा निवासी विकास सेन और व्यायाम शिक्षक जवाहर लाल कुर्रे को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि जवाहर लाल कुर्रे ने ही प्रश्नपत्र विकास सेन और वेणु जघेल को बेचा था। पुलिस अब इस मामले में अन्य आरोपियों और नेटवर्क की भी जांच कर रही है। मामले को लेकर शिक्षा विभाग और प्रशासन पहले से अलर्ट मोड में है।
कचना ओवरब्रिज का कल होगा लोकार्पण
रायपुरवासियों को ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलने वाली है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कल कचना ओवरब्रिज का लोकार्पण करेंगे। करीब तीन साल में तैयार हुए इस ओवरब्रिज की लंबाई लगभग 800 मीटर बताई जा रही है, जबकि इसकी लागत करीब 49 करोड़ रुपए है। प्रशासन का दावा है कि इस पुल से आसपास के एक लाख से अधिक लोगों को सीधे फायदा मिलेगा और शहर में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी।
रायपुर में पेट्रोल-डीजल बिक्री ने बनाया रिकॉर्ड
रायपुर में मई महीने के दौरान पेट्रोल और डीजल की बिक्री में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आंकड़ों के मुताबिक पेट्रोल की बिक्री में करीब 22 फीसदी और डीजल की बिक्री में 17 फीसदी की वृद्धि हुई है। इसी बीच तेल कंपनियों ने बड़ा फैसला लेते हुए अब पेट्रोल पंपों से थोक में पेट्रोल देने पर रोक लगा दी है। जरूरतमंद उपभोक्ताओं और संस्थानों को अब सीधे तेल विपणन कंपनियों से थोक आपूर्ति लेनी होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती वाहनों की संख्या और व्यावसायिक गतिविधियों में तेजी के कारण ईंधन की मांग लगातार बढ़ रही है।
