नई दिल्ली:– ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु अक्सर शरीर में ऊर्जा और सेहत को बेहतर बनाने के लिए सादा, सात्विक, प्लांट बेस्ड फूड और सोच-समझकर खाने की सलाह देते हैं। कोलेस्ट्रॉल और हाई बीपी को कंट्रोल करने के लिए भी उन्होंने कुछ जरूरी उपाय बताए हैं।
उनके द्वारा बताई गई सभी चीजें हमारी रसोई में आसानी से उपलब्ध होती है। केवल ज्ञान के अभाव में उसका उपयोग नहीं जानते हैं। न्यूट्रिशन रिसर्च के हिसाब से ये फूड्स दिल की सेहत, जैसे लिपिड या ब्लड प्रेशर, के लिए फायदेमंद हैं।
लहसुन
रोज़ाना लहसुन की एक कली कच्ची या हल्की पकी हुई खाएं। इसे तड़के या चटनी में डालें, या पकाने से पहले इसे कुचलकर 5-10 मिनट के लिए छोड़ दें। पारंपरिक स्वास्थ्य व्यवस्था के अनुसार, लहसुन खाने से कुछ हफ्तों में कोलेस्ट्रॉल और LDL कोलेस्ट्रॉल में थोड़ी कमी आती है और ब्लड प्रेशर भी कम होता है। इसके लिए इसे लगातार खाना जरूरी है।
अलसी
रोज़ाना 1-2 बड़े चम्मच ताज़ी पिसी हुई अलसी को दही, सलाद, स्मूदी या रोटी में मिलाकर खाएं। पिसी हुई अलसी को फ़्रिज में स्टोर कर सकते हैं। ALA ओमेगा-3 और फ़ाइबर से भरपूर अलसी, LDL यानी बैड कोलेस्ट्रॉल को बेहतर बनाने और ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद करती है। इसे पीस कर इस्तेमाल करने से शरीर में इसका अब्जॉर्बशन बेहतर होता है और खाने में मिलाना आसान हो जाता है।
मोरिंगा
हफ्ते में 3-4 बार सब्ज़ी या सांभर में मोरिंगा के पत्तों या मोरिंगा की डंडी का इस्तेमाल करना भी बेहद फायदेमंद है। पकी हुई पत्तियों की 1 छोटी कटोरी लें, या रोज दही या स्मूदी में 1-2 चम्मच पत्तियों का पाउडर मिलाएं। मोरिंगा की पत्तियों से पोटैशियम, मैग्नीशियम और पॉलीफेनोल्स मिलते हैं, जो ब्लड वेसल के काम को स्मूद करते हैं और लिपिड मेटाबॉलिज़्म में मदद करते हैं।
आंवला
रोजाना 1 ताजा आंवले को कच्चा या चटनी के रूप में या 1-2 चम्मच आंवला पाउडर ले सकते हैं। अगर चाहें तो सुबह आंवले का पानी या शॉट भी ले सकते हैं। इसमें विटामिन C और पॉलीफेनोल्स भरपूर मात्रा में होते हैं। स्टडी से पता चलता है कि संतुलित आहार के साथ नियमित रूप से आंवले का सेवन करने से LDL और ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर में सुधार हो सकता है।
बादाम
प्रतिदिन 10-15 भीगे हुए बादाम नाश्ते के साथ या ब्रेकफास्ट बाउल में मिलाकर खाएं। बादाम में गुड फैट, फाइबर, मैग्नीशियम और आर्जिनिन भरपूर मात्रा में होते हैं। नियमित सेवन से एलडीएल का स्तर कम होता है और लिपिड प्रोफाइल बेहतर होता है, बशर्ते यह कैलोरी के अनुकूल आहार का हिस्सा हो।
