नई दिल्ली:– मोदी सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया। जॉर्ज कुरियन अल्पसंख्यक मामलों तथा मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में कार्यरत थे। उनका राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने के बाद यह इस्तीफा सामने आया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता कुरियन लंबे समय से संगठन से जुड़े रहे हैं और सुप्रीम कोर्ट में वकालत भी कर चुके हैं।
राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने के बाद लिया फैसला
65 वर्षीय जॉर्ज कुरियन अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय तथा मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय में राज्य मंत्री (MoS) के रूप में कार्यरत थे। उनका राज्यसभा कार्यकाल समाप्त हो चुका था, जिसके बाद उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दिया। वे अगस्त 2024 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली तीसरी एनडीए सरकार में मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में होती है गिनती
जॉर्ज कुरियन भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। वह वर्ष 1980 में पार्टी की स्थापना के समय से ही संगठन से जुड़े रहे हैं। राजनीति के अलावा उन्होंने भारत के सुप्रीम कोर्ट में वकील के रूप में भी प्रैक्टिस की है। सूत्रों के अनुसार, केरल विधानसभा चुनावों में पार्टी के कमजोर प्रदर्शन के बाद उन्हें दोबारा राज्यसभा के लिए नामित नहीं किया गया।
केरल के कोट्टायम जिले से रखते हैं संबंध
अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार, जॉर्ज कुरियन का जन्म 20 सितंबर 1960 को केरल के कोट्टायम जिले के एट्टुमानूर नगर पालिका क्षेत्र के नाम्बियाकुलम में हुआ था। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा अपने गृह क्षेत्र में प्राप्त की और बाद में कानून में स्नातक एवं स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की।
जॉर्ज कुरियन ने 9 जून 2024 को केंद्रीय राज्य मंत्री पद की शपथ ली थी और 11 जून 2024 को मंत्रालयों का कार्यभार संभाला था। इससे पहले वह राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष और पूर्व रेल राज्य मंत्री ओ. राजगोपाल के विशेष कर्तव्य अधिकारी (OSD) के रूप में भी कार्य कर चुके हैं।
