नई दिल्ली:– राम मंदिर में हाल ही में सामने आए चढ़ावा चोरी मामले के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं में कई बड़े बदलाव किए हैं। इसी क्रम में वीआईपी पास जारी करने की प्रक्रिया फिलहाल अस्थायी रूप से रोक दी गई है। ट्रस्ट कार्यालय के प्रभारी के अनुसार, जिन अधिकारियों की आईडी से वीआईपी पास जारी किए जाते थे, उनके इस्तीफा देने के कारण यह व्यवस्था फिलहाल प्रभावित हुई है।
ट्रस्ट के अनुसार, पहले आवश्यकता के अनुसार बड़ी संख्या में वीआईपी पास जारी किए जा सकते थे, लेकिन अब नई व्यवस्था बनने तक यह प्रक्रिया रोक दी गई है। हालांकि ट्रस्ट के ट्रस्टी दिनेंद्र दास के पास आवश्यक प्रशासनिक अधिकार मौजूद हैं।
चढ़ावा चोरी के बाद सुरक्षा हुई हाईटेक
चढ़ावा चोरी की घटना के बाद मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। दान राशि की गणना वाले स्थान पर 13 नए CCTV कैमरे लगाए गए हैं। वहीं दान पेटियों को मंदिर परिसर से गणना केंद्र तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए 27 अतिरिक्त SIS सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है। अब गणना स्थल पर कुल 43 अधिकृत लोगों की मौजूदगी रहेगी।
बिना जेब वाली ड्रेस और हर प्रक्रिया की होगी रिकॉर्डिंग
नई व्यवस्था के तहत दान राशि की गणना करने वाले कर्मचारियों के लिए बिना जेब वाली यूनिफॉर्म अनिवार्य कर दी गई है। इसके साथ ही पूरी गणना प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी ताकि पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना न रहे।
बैंकिंग व्यवस्था में भी बदलाव
ट्रस्ट ने बैंकिंग प्रक्रिया में भी बदलाव किया है। अब किसी भी बैंक लेनदेन के लिए अंतरिम महासचिव डॉ. कृष्ण मोहन, मुख्य अभियंता जगदीश आफले और चार्टर्ड अकाउंटेंट चंदन राय के संयुक्त हस्ताक्षर अनिवार्य होंगे। पहले यह प्रक्रिया डिजिटल हस्ताक्षरों के माध्यम से संचालित होती थी।
श्रद्धालुओं के दान में नहीं आई कमी
ट्रस्ट का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई है। अधिकांश श्रद्धालु अब डोनेशन काउंटर या ट्रस्ट कार्यालय में रसीद के साथ दान देना पसंद कर रहे हैं।
नए एसपी सुरक्षा ने संभाली जिम्मेदारी
राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी नव नियुक्त एसपी सुरक्षा विजय शंकर मिश्रा ने संभाल ली है। ट्रस्ट का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और दान व्यवस्था की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
