नई दिल्ली:– देश में अब संसद का शीतकालीन सत्र तय हो गया है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर जानकारी दी कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने केंद्र सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सत्र 1 दिसंबर से 19 दिसंबर 2025 तक आयोजित होगा।
रिजिजू ने कहा, “भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी ने 1 दिसंबर से 19 दिसंबर 2025 तक संसद का शीतकालीन सत्र बुलाने के सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। हम आशा करते हैं कि यह सत्र रचनात्मक, सार्थक और लोकतंत्र को और मजबूत करने वाला साबित होगा।”
सरकार की उम्मीद — रचनात्मक और सार्थक चर्चा
रिजिजू ने आगे कहा कि इस बार सरकार चाहती है कि संसद में बहस और चर्चाएं देशहित से जुड़ी हों। उनका कहना है कि लोकतंत्र में मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन संवाद और सहयोग से ही बेहतर निर्णय लिए जा सकते हैं।
मॉनसून सत्र में रहा था विवाद
पिछले मॉनसून सत्र के दौरान सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहसें देखने को मिली थीं। उस समय तत्कालीन राज्यसभा सभापति जगदीप धनखड़ ने अपने पद से इस्तीफा दिया था। 21 जुलाई से 21 अगस्त तक चले उस सत्र में कुल 21 बैठकें हुई थीं, जिनमें लोकसभा में 12 और राज्यसभा में 15 विधेयक पारित किए गए थे। उस दौरान एसआईआर और ऑपरेशन सिंदूर जैसे मुद्दों पर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया था।
शीतकालीन सत्र में कई अहम विधेयक
सूत्रों के अनुसार, आगामी शीतकालीन सत्र में केंद्र सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश कर सकती है। सरकार का प्रयास रहेगा कि सत्र शांतिपूर्ण और उत्पादक हो ताकि विकास से जुड़े फैसले समय पर लिए जा सकें।
